Paperback₹250
Buy on AmazonMain Hawa Ho Gayi Hun
2016100 pagesHindi
About the book
‘मैं हवा हो गयी हूँ’ यह नीलम सक्सेना चंद्रा द्वारा लिखित पचत्तर कविताओं का गुलदस्ता है| हर कवि की एकखासियत होती है – वो अपनी कविता, नज़्म, गीत और ग़ज़ल द्वारा किसी भी रूप और आकार में खुद को ढाल सकता है बिलकुल उस तरह जिस तरह हवा बहते-बहते कहीं भी पहुँच सकती है| हवा अपने भौतिक रूप से अपने मन के भाव को बयान कर सकती है, पर कवि के पास तो अलफ़ाज़ ही होते हैं जिससे वो अपने ज़हन के एहसासों का इज़हार कर सकता है| ‘मैं हवा हो गयी हूँ’ यह नीलम सक्सेना चंद्रा के कुछ ऐसे ही एहसासों से पिरोया गया है|
Editions
| Format | ISBN | Price | |
|---|---|---|---|
| Paperback | 9789352073535 | ₹250 | Amazon |
Subjects
More by Neelam Saxena Chandra
See all →Maine Bikhere Hain Andaz - Kavya Sangrah
Neelam Saxena Chandra
Sighs of Shadows
Neelam Saxena Chandra
2025
Feminino
क़ुदरत-ए-कामिल (Bilingual Anthology of Poetry)
Sangeeta Sharma, Neelam Saxena Chandra, Sunil Sharma
2025
आसमानी होना है (कविता संग्रह)(Aasmani Hona Hai)
Neelam Saxena Chandra
2024
अयोध्या (Ayodhya)
Ram and Sita Return
Neelam Saxena Chandra, Meera Bhansali
2024
Parindom Sa Libas
Neelam Saxena Chandra
2024

