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Cover of एहसास-ए-रूह (काव्यसंग्रह)

Paperback₹295

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Searches Amazon.in for ISBN 9789387651906.

एहसास-ए-रूह (काव्यसंग्रह)

by Neelam Saxena Chandra

2018106 pagesHindi

About the book

एहसासों से रूह लबरेज़ होती है। जिस्म कभी मुस्कुराता है, कभी निर्बाध हंसता है, कभी दर्द की चादर लपेट लेटा है, कभी रोता है, कभी चुप हो जाता है।पर रूह को यह एहसास होता है कि उसमें एक ऐसी ताकत है जो कभी भी जिस्म को जोश और जुस्तजू से भर दे।इन्हीं एहसासों को जब अलफ़ाज़ दे दिए जाएँ, वो नज़्म बन जाती है। ‘एहसास-ए-रूह’ यह लिम्का बुक की रिकॉर्ड होल्डर नीलम सक्सेना चंद्रा द्वारा लिखित पचास नज्मों का धनुक है जो रूह से निकली हैं।

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Paperback9789387651906₹295

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