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Cover of Banphool

Paperback₹295

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Banphool

by Renu Mishra

2018164 pagesHindi

About the book

दुरूह अंतर्मन, घुमड़ते विचार, संघनित संवेदनाएँ, गूढ़ एहसास और अंतर्विरोध की आँधी जब हद से गुज़र जाती है तो लफ्ज़ बन कागज़ पर ढल जाती है और बस, बन जाती है कविता!बनफूल डॉ रेणु मिश्र की कुछ ऐसी ही कविताओं का संकलन है जो आपको भावनाओं के समन्दर में गोते खाने को विवश कर देगा. ख़्वाबोंकेपरिंदे के बाद बनफूल डॉ रेणु मिश्रा का दूसरा काव्य संग्रह है। जैसा कि नाम से ही विदित है, इस काव्य संग्रह की कविताएँ जंगल की खुशबू लिए किसी निर्झर सी प्रवाहित, तितलियों सी रंगीन और फूलों सी कोमल हैं। विभिन्न विषय वस्तुओं को समाहित किए भावों का उद्गम हैं। ये ज़िन्दगी के विभिन्न पहलुओं को छूती हृदयस्पर्शी रचनाएँ हैं जिन्हें आप अपनी ज़िन्दगी से भी अवश्य आत्मसात करता पाएँगे और बार-बार पढ़ना चाहेंगे।

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FormatISBNPrice
Paperback9789387651876₹295Amazon

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